चंडीगढ़ में सामाजिक न्याय चिंतन शिविर, समावेशी विकास और सशक्तिकरण पर फोकस

Thu 23-Apr-2026,04:36 PM IST +05:30

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चंडीगढ़ में सामाजिक न्याय चिंतन शिविर, समावेशी विकास और सशक्तिकरण पर फोकस Social-Justice-Chintan-Shivir-Chandigarh-2026
  • सामाजिक न्याय मंत्रालय द्वारा चंडीगढ़ में तीन दिवसीय चिंतन शिविर आयोजित, जिसमें राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बीच समन्वय और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन पर जोर दिया जाएगा।

  • शिविर में डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च, छात्रवृत्ति, नशा मुक्ति, वरिष्ठ नागरिक देखभाल और दिव्यांगजन सशक्तिकरण जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा और रणनीति निर्माण किया जाएगा।

  • समूह सत्रों के माध्यम से वर्तमान योजनाओं की समीक्षा, कमियों की पहचान और अल्पकालिक व दीर्घकालिक समाधान तैयार कर सामाजिक न्याय ढांचे को मजबूत किया जाएगा।

Chandigarh / Chandigarh :

Chandigarh/ Ministry of Social Justice and Empowerment द्वारा 24 से 26 अप्रैल 2026 तक Chandigarh में “अंत्योदय का संकल्प, अमृत काल का प्रतिबिंब– विकसित भारत @2047” विषय पर तीन दिवसीय चिंतन शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह पहल देश में समावेशी विकास और सामाजिक न्याय को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इस शिविर का उद्देश्य नीतियों के बेहतर क्रियान्वयन, राज्यों के बीच समन्वय और हाशिए पर मौजूद समुदायों के सशक्तिकरण के लिए ठोस रणनीति तैयार करना है।

इस चिंतन शिविर का उद्घाटन केंद्रीय मंत्री Virendra Kumar करेंगे। कार्यक्रम में राज्य मंत्री B. L. Verma और Ramdas Athawale सहित कई गणमान्य व्यक्ति शामिल होंगे। इसके अलावा, विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और सामाजिक न्याय से जुड़े विभागों के प्रतिनिधि भी इस आयोजन में भाग लेंगे।

कार्यक्रम की शुरुआत मंत्रालय की प्रमुख योजनाओं की प्रदर्शनी से होगी, जिसमें कई डिजिटल और नीतिगत पहलों को लॉन्च किया जाएगा। इनमें समावेश पोर्टल, एनएमबीए 2.0 ऐप, सेतु ऐप और स्माइल ऐप जैसे प्लेटफॉर्म शामिल हैं, जो सेवा वितरण को अधिक पारदर्शी और सुलभ बनाने में मदद करेंगे। इसके साथ ही मनोभ्रंश देखभाल गृहों के लिए न्यूनतम मानकों और भिक्षुक गृहों के लिए आदर्श दिशानिर्देशों पर आधारित पुस्तक का विमोचन भी किया जाएगा।

तीन दिनों तक चलने वाले इस शिविर में विभिन्न विषयगत सत्र आयोजित किए जाएंगे। 25 अप्रैल को छात्रवृत्ति वितरण, शिक्षा तक पहुंच, नशा मुक्त भारत अभियान, स्वच्छता कार्य में गरिमा और वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी। वहीं 26 अप्रैल को सामाजिक-आर्थिक विकास, वित्तीय सशक्तिकरण, दिव्यांगजनों के लिए सुलभता और पहचान जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

इन सत्रों में प्रतिभागी वर्तमान योजनाओं के कार्यान्वयन की समीक्षा करेंगे, चुनौतियों की पहचान करेंगे और नवोन्मेषी समाधानों पर चर्चा करेंगे। इसके तहत अल्पकालिक, मध्यमकालिक और दीर्घकालिक रणनीतियां तैयार की जाएंगी, जिससे सामाजिक न्याय योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

यह चिंतन शिविर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और सफल मॉडलों के आदान-प्रदान के लिए एक सहयोगी मंच के रूप में कार्य करेगा। इससे डिजिटल नवाचार, बेहतर शासन और समुदाय-आधारित भागीदारी को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

समापन दिवस पर आयोजित प्रेस वार्ता में इस शिविर के प्रमुख निष्कर्षों और भविष्य की रणनीति को साझा किया जाएगा, जो देश के सामाजिक न्याय ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक स्पष्ट रोडमैप प्रदान करेगा।